Friday, December 9, 2011

तेरी याद आती है

तेरी याद आती है,
तो कदम बहक जाती है,
जाना कहीं होता है,

चली कहीं और जाती है |

 तेरी याद आती है,
तो नींदे बहक जाती है,
तेरे साथ चला जाता हूँ,
रातें छुट जाती है |

Thursday, October 20, 2011

अपना नसीब

यूँ हर किसी से मुह मोड़ा नहीं करते,
दर्द दिल में हो तो छुपाया नहीं करते,
सब अपने अपने नसीब की बात है,
वरना हर किसी को आजमाया नहीं करते


Tuesday, November 2, 2010

मेरी सबसे बड़ी भूल

अक्सर वो मेरे जज्बातों से खेलते है,
सायद ये उनका पसंदीदा खेल है,
जूनून की हदें पार कर चाहते है उसको,
लगता है यही मेरी सबसे बड़ी भूल है |

Thursday, October 21, 2010

जब हमे दर्द हुआ

हमने उनको गले लगा कर,
उनके दर्द को अपना बना लिया,
जब हमे दर्द हुआ,
हम बाहें फेलाए खड़े रहे,
और उन्होंने ख़त्म हो गया जज्बात कह दिया|

Wednesday, October 13, 2010

तेरे दामन की आदत जो हो गई है

बरसो से तुझे देखा नहीं,
जाने केशी है तू,
क्यूँ मेरे दिल को चैन आता नहीं ,
हर लम्हा तुझे ही ढूंढता हूँ ,
पता नहीं किस
हाल में है तू ,
मिलने को बेक़रार ये दिल ,
हर वक़्त यही पूछे जानेमन कहाँ है तू ,
मेरा तुझ से अजीब सा रिश्ता है ,
ज़िन्दगी भर का और एक विश्वास का ,
डरता हूँ कहीं दामन ना छुड़ा ले तू ,
अब अकेले चलने में भी डर लगता है ,
तेरे दामन की आदत जो हो गई है ,
बरसो से तुझे देखा नहीं,
जाने केशी है तू |

Wednesday, September 8, 2010

तेरी जिद मेरी चाहत

आज उनकी नजरो में,
हम उनके लायक नहीं रहे,
सायद कभी किसी की ज़िन्दगी थे,
आज उसी के लिये मर गये |

हमारी चाहतो को मार कर,
उन्होंने अपनी ज़िद पूरी की,
जिद्दी तो हम भी थे पर,
उनकी जिद के आगे हार गये|

दफ़न कर दी हमने अपनी चाहतो को,
अपने सिने के कब्र में,
अब खुद की चाहत खुद तक रखता हूँ,
देखते है कब हारेगी ,

तुम्हारी ज़िद मेरी चाहत के आगे|

Wednesday, September 1, 2010

बड़े बेआबरू होकर निकाले गये तेरे दर से

बड़े बेआबरू होकर निकाले गये तेरे दर से ,
अब तो दर दर भटकना ही लिखा है ,
वक़्त वे वक़्त आँखे भर आती है ,
अब तो यादो के सहारे ही जीना है |
फुर्सत तो हमे भी थी मोहाब्बत करने की,
बस वक़्त ने साथ छोर दिया ,
हालात से इतने मजबूर हो गये,
की अब हिम्मत ने भी जवाब दे दिया |